अनुच्छेद 370 पर थोड़ी देर में सुप्रीम कोर्ट का फैसला, महबूबा मुफ्ती ने कहा, ‘मुझे नजरबंद कर दिया गया.

अनुच्छेद 370 पर सुप्रीम थोड़ी देर थोड़ी देर कोर्ट का फैसला, महबूबा मुफ्ती ने कहा, 'मुझे नजरबंद कर दिया गया.

सुप्रीम कोर्ट आज फैसला करेगा कि 2019 में जम्मू-कश्मीर को मिले विशेषाधिकार रद्द करना सही था या नहीं. कोर्ट का पांच सदस्यीय संविधान पीठ सुबह 10:30 बजे अपना फैसला पढ़ना शुरू करेगा. कोर्ट के फैसले से पहले घाटी में क्या है माहौल?

आज जम्मू-कश्मीर, लद्दाख समेत देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की निगाहें भारत के सुप्रीम कोर्ट पर टिकी होंगी. देश की सबसे बड़ी अदालत अनुच्छेद 370 को लगभग खत्म करने के भारत सरकार के फैसले पर अपना फैसला सुनाएगी. उसके बाद यह तय होगा कि अनुच्छेद 370 को दोबारा लागू किया जा सकता है या नहीं.

फैसले से पहले पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी पीडीपी की नेता महबूबा मुफ्ती ने कहा कि उन्हें नजरबंद कर दिया गया है. महबूबा ने कहा, उनके घर का मुख्य द्वार भी बंद था. 5 अगस्त, 2019 को जब भारत सरकार ने कश्मीर के विशेषाधिकारों को रद्द कर दिया. तब भी कई बड़े नेताओं को नजरबंद कर दिया गया था.

1. आज कश्मीर घाटी में सुरक्षा व्यवस्था हाई अलर्ट पर है. इस दौरान किसी भी वीआईपी मूवमेंट पर रोक है. सूत्रों के मुताबिक, आज रिपब्लिकन हाईवे पर कोई वीआईपी ट्रैफिक भी नहीं होगा.

2. सीआरपीसी 144 के अनुसार, साइबर पुलिस ने एक सोशल मीडिया नीति बनाई है और इसकी बारीकी से निगरानी की जाएगी ताकि किसी भी भड़काऊ पोस्ट के खिलाफ समय पर कार्रवाई की जा सके.

3. श्रीनगर जिले के सभी जिलों में तैनात सभी डिप्टी मजिस्ट्रेट को सरकार की ओर से विशेष निर्देश मिले हैं. दिशानिर्देशों में कहा गया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर क्षेत्र में एक अधिकारी तैनात किया जाएगा.

4. सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का जिम्मेदारी से उपयोग करें और अफवाहें, फर्जी खबरें और नफरत फैलाने वाले भाषण शेयर न करें। साथ ही, अगर आपको ऐसा कोई संदेश मिलता है, तो कृपया इसे दूसरों के साथ साझा करने के बजाय तुरंत कश्मीर साइबर पुलिस को रिपोर्ट करें.

कब आएगा कोर्ट का फैसला?

सुप्रीम कोर्ट आज सुबह 10:30 बजे जम्मू-कश्मीर संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाएगा. अदालत 5 अगस्त, 2019 को संसद में जम्मू-कश्मीर की स्वायत्तता छीनने के केंद्र सरकार के फैसले की संवैधानिक वैधता पर फैसला करेगी.

5 सितंबर को ही पूरी हुई थी सुनवाई

चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संविधान पीठ इस मुद्दे पर बड़ा फैसला लेगी. अन्य न्यायाधीशों में जस्टिस संजय किशन कौल, संजीव खन्ना, बीआर गवई और सूर्यकांत शामिल हैं. सुप्रीम कोर्ट में 16 दिनों की सुनवाई के बाद 5 सितंबर को बहस पूरी हुई और कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया.

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