गहलोत सरकार की बढ़ी Tension, High Court ने स्मार्टफोन ‘गारंटी कार्ड’ पर सरकार से मांगा जवाब!

Tension increased in Gehlot government, High Court sought answer from the government on smartphone 'guarantee card'

राजस्थान सरकार के Free Smart Phone Scheme कार्यक्रम को लेकर मंगलवार को एक बड़ी खबर सामने आई। दरअसल, राजस्थान हाई कोर्ट ने इंदिरा गांधी स्मार्टफोन योजना के दूसरे चरण के तहत ‘स्मार्टफोन’ के बदले ‘स्मार्टफोन वारंटी कार्ड’ जारी करने की वैधता पर गहलोत सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

जस्टिस विजय बिश्नोई और योगेन्द्र कुमार पुरोहित की बेंच ने लगभग एक करोड़ चिरंजीवी कार्ड धारक परिवारों की महिला प्रमुखों को ‘इंटरनेट कनेक्टिविटी के साथ स्मार्टफोन गारंटी कार्ड’ वितरित करने के आदेश को चुनौती देने वाली एक PIL को स्वीकार करते हुए यह नोटिस जारी किया है। यह याचिका में मुख्य रूप से इस योजना के तहत महिलाओं को सशक्त बनाने के सरकार के घोषित लक्ष्य पर सवाल उठाती है। बता दें, इस मामले पर अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी।

याचिकर्ता के वकील ने दिए तर्क

PIL फाइल करने वाले मुदित नागपाल ने योजना के माध्यम से सरकार के महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसके कार्यान्वयन में कल्याणकारी गतिविधियों की जरूरत है। याचिकाकर्ता के वकील देवकी नंदन व्यास ने कहा-

“हमने यह भी प्रार्थना की है कि सरकार को स्मार्टफोन गारंटी कार्ड वितरित करने से रोका जाए क्योंकि यह योजना विभाग के अधिकार क्षेत्र से बाहर है और राजस्थान के व्यापार नियमों के तहत परिभाषित शक्ति के दायरे के खिलाफ है।” 

इन सभी के साथ ही याचिकाकर्ता ने राजकोषीय घाटे सहित वित्तीय चुनौतियों पर भी चिंता व्यक्त की है. इसके साथ ही इस बात पर भी प्रकाश डाला है कि यह योजना वित्तीय संकट को बढ़ा सकती है।

High Court ने राजस्थान सरकार से मांगा जवाब

अदालत ने राज्य सरकार से योजना के दूसरे चरण में स्मार्टफोन के बजाय Guarantee Card जारी करने के तर्कसंगतता, औचित्य और वैधता पर 5 अक्टूबर तक जवाब पेश करने को कहा है। इसके साथ ही विपक्षी नेता भी इस योजना पर कटाक्ष करते हुए सवाल उठा रहे है। हाल ही में BJP के नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा- इस योजना के जरिए गहलोत सरकार केवल मतदाताओं को खुश करना चाहती है। उन्होंने आगे कहा कि इस योजना के तहत वह सिर्फ सरकार के पैसे का दुरुपयोग कर रहे है।

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