इस आधार पर हुआ शिखर धवन का पत्नी आयशा से तलाक, कोर्ट ने बेटे से मिलने को लेकर दिया ये बड़ा अधिकार

शिखर धवन का पत्नी आयशा मुखर्जी से तलाक

भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज ओपनर शिखर धवन ने एक तलाक से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। शिखर धवन के तलाक को बुधवार को दिल्ली के फैमिली कोर्ट ने मंजूरी दे दी है। साथ ही कोर्ट ने इस तलाक का आधार ‘ Mental Cruelity’यानि मानिसक क्रूरता बताया है। उन्हें यह भी पता चला कि शिखर धवन की पत्नी ने उन्हें वर्षों तक अपने इकलौते बेटे से अलग रहने के लिए मजबूर कर दिया, जिससे उन्हें मानसिक तनाव हुआ है।

दिल्ली हाई कोर्ट के जज हरीश कुमार ने तलाक याचिका में क्रिकेटर शिखर धवन (Shikhar Dhawan Divorce with Wife Ayesha Mukherjee) द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को स्वीकार किया। आपको बता दें, धवन और आयशा मुखर्जी ने 2012 में शादी की और उनका 10 साल का बेटा जोरावर धवन है। ज़ोरावर और आयशा ऑस्ट्रेलियाई नागरिक हैं। आयशा पहले से ही शादीशुदा हैं और उनके पहले पति से उनकी दो बेटियां भी है।

तलाक मंजूर करते हुए कोर्ट ने ये दिए तथ्य

“मिस्टर धवन बहुत पीड़ा से गुजरे हैं”

श्री धवन ने अपनी याचिका में दावा किया कि उनकी पत्नी ने उनके साथ भारत आने का वादा किया था क्योंकि वह अपने करियर के कारण ऑस्ट्रेलिया जाने में असमर्थ थे। हालाँकि, इसके तुरंत बाद वह पीछे हट गई और आगे बढ़ने से इनकार कर दी, क्योंकि इससे उसे अपनी दो बेटियों को अपने पूर्व पति को सौंपने पर मजबूर होना पड़ेगा।

”वह (धवन) बिना किसी गलती के वर्षों तक अपने ही बेटे से अलग रहने की भारी पीड़ा से गुजर रहे थे। पत्नी ने आरोप से इनकार करते हुए कहा कि हालांकि वह उसके साथ भारत में रहना चाहती थी, लेकिन उसने दावे का विरोध नहीं किया। अदालत ने कहा कि प्रतिवादी ने इस तरह व्यवहार करके याचिकाकर्ता को इतनी क्रूरता, पीड़ा और आघात पहुँचाया कि उनके लिए शादी बचाना असंभव था।”

शिखर धवन को मिला बेटे से मुलाक़ात का अधिकार

अदालत ने अब धवन को भारत और ऑस्ट्रेलिया में अपने बेटे को देखने के लिए अनिवार्य मुलाक़ात का अधिकार दे दिया है। उन्होंने आयशा को यह भी आदेश दिया कि वह अपने बेटे जोरावर को मिस्टर धवन और उनके परिवार के साथ रात भर रहने के लिए भारत ले जाए और स्कूल की छुट्टियों के दौरान उससे मिलने आए।

कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता शिखर धवन एक मशहूर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हैं. उसके पास एक नागरिक और एक जिम्मेदार पिता के भी अधिकार हैं।’ इसके अलावा, अदालत बच्चे के अपने पिता और परिवार के साथ रहने के अधिकार का भी सम्मान करती है।

शिखर धवन के करियर की बात करें तो इस समय उन्हें भारत की वनडे वर्ल्ड कप टीम में जगह नहीं मिली है। इस समय वह टीम में जगह बनाने के लिए काफी संघर्ष का सामना कर रहे है।

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